अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विषेष

खण्डवा कलेक्टर श्रीमती स्वाति मीणा नायक की पहल पर पंख से उड़ान कार्यक्रम के तहत महिलाओं को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं के साहस एवं मजबूती को दर्षाने वाली सफलता की कहानी का संकलन कराया गया ताकि अन्य महिलाओं को प्रेरणा मिल सकें, जो निम्नानुसार है –
1. बूटी की महिलाओं की पहल
  बूटी गांव मंे 162 परिवार रहते है , वहां जनसंख्या लगभग 1000 है। बूटी गांव में हर वर्ष ग्रीष्म ऋतु में पानी की समस्या रहती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए वहां की महिलाएं जो स्व-सहायता समूह चलाती है उन्होंने गत वर्ष में एक बड़े तालाब का निर्माण किया। इसी प्रकार गांव वालों को तालाब से पानी उपलब्ध होने लगा है और गांव वाले पानी का भरपूर उपयोग कर रहे है।
2. लंगोटी की साहसिक महिलायंे
लंगोटी गॉंव की हिम्मत और लगन के लिए जानी जाने वाली महिलाओं ने सामूहिक प्रयास से पानी की समस्या को दूर करने के लिए कुएं का निर्माण किया , जिससे गांव वालों को पीने का पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सके। उल्लेखनीय है कि लंगोटी गांव में ग्रीष्म ऋतु में पीने के पानी की समस्या रहती है वहीं वहां की महिलाओं द्वारा कुएं का निर्माण किया जिससे बारिष के बाद भी इसमें साल भर पानी उपलब्ध रहता हैं और गांव वालों को कोई पानी की कोई परेषानी नहीं होती है। ये महिलाएं उषा स्वयं सहायता समूह के रूप मंे सामूहिक रूप से सब्जी उगाने का कार्य भी संचालित कर रही है ताकि इस क्षेत्र में आत्म निर्भर बन सकें।
3. गोगईपुर की महिलाएं भी आगे आयीं
गोगईपुर खण्डवा जिले का दूरस्थ वनग्राम है। वहां के किसानों को मूंग , चना आदि फसल उगाने के लिए पानी की समस्या होती है। समस्या को दूर करने के लिए वहां की महिलाआंे द्वारा जल संरक्षण का संकल्प लिया और गांव में पुराने स्टॉप डैम की मरम्मत की और स्टॉप डैम से साल भर वर्षा का पानी इकठ्ठा होता है तथा किसान पानी का उपयोग कर फसल उगाने में उपयोग कर रहे है। साथ ही वहां के किसानों द्वारा हर साल फसल से लाभ होता आ रहा है।
4. महिलाआंे को सुगंधी दे रही प्रषिक्षण
दिल्ली की गूंज संस्था से प्रषिक्षण लेकर आयी रोषनी ग्राम की सुगंधी विष्वकर्मा ने सेमिटरी नेटकीन पर कार्य किया और आज वह सेमिरटी नेटकीन बनाकर महिलाओं को सस्ते दर पर उपलब्ध करा रही है। सुगंधी विष्वकर्मा द्वारा एक लघु उद्योग स्थापित किया गया , जिसका लाभ खालवा क्षेत्र की लगभग 1000 आदिवासी महिलाओं को मिल रहा है। उसके द्वारा बनाये जा रहे सेमिरटी नेटकीन को वहां की महिलाओं को प्रषिक्षण भी दे रही है और वहां की महिलाओं को इस हेतु जागरूक कर रही है।
5. श्रीमती सुषीला मिश्रा –
श्रीमती सुषीला मिश्रा ने खण्डवा जिले में राजनीति, पत्रकारिता एवं व्यवसाय में स्थापित एक नाम है जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से जुड़ी होकर 78 साल की उम्र में भी प्रतिदिन पेट्रोल पम्प का संचालन आनंद नगर में  अदम्य साहस के साथ कर रही है। स्वतंत्रता सेनानी संघ की महिला प्रकोष्ठ की सचिव पद पर रहते हुये इन्होंने सेनानियों की विधवाओं और उनके बच्चों के हित के लिए अनेक कार्यक्रम चलाये। साथ ही कृषक राष्ट्र अखबार का सम्पादन भी किया। ‘‘कर्मण्य वाधिकारस्ते‘‘ के मूल मंत्र को धारण किये आज भी सक्रिय रूप से कार्यरत है।

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